Posts

Showing posts from 2026

ग़ज़ल

सूनेपन में आहट

मैं भी हंस सकता हूं

आने जाने के बीच

साये में आरामतलब

इस तरफ़ से उस तरफ़

फिर आज

बेबस बेबसी

सुबह हो गयी थी

उससे मिला

Colour colourless

रंग रंगविहीन

The Watch Strap

अरमानों का फीता

The crooked tree and the road

सड़क का टेढ़ा पेड़

The humble faces

भोले और सादे

उस पार

जीवन मृत्यु के जैसे

अलग अलग एक जैसे

अकेले अकेले

कल फ़िर

ग़ज़ल

एक शाम