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ये शहर इतना खामोश क्यों है

इन परिंदों को देखिए जनाब

सफ़र में चले हो तो रास्ता आसान नहीं होगा

अब जब हवा चलेगी एक सवाल होगा।

ग़ज़ल

ग़ज़ल