सफ़र में चले हो तो रास्ता आसान नहीं होगा

 


सफ़र में चले  हो तो रास्ता आसान नहीं होगा

माना मेर लंबे सफ़र में ज़्यादा सामान नही होगा

मिलेंगे वो भी चलते हुए मेरे कदमों के साथ साथ

जिनके पैरों ज़मीन नहीं, सिर पर आसमां नहीं होगा

होगी उनकी सारी ख्वाहिशें पूरी बेज़रूरत बेआवाज़

जिसकी न कोई चाहत न कोई अधूरा अरमान होगा

जो छूट गए  या फंस गए जंग-ए-मैदान में यूँ बेबस

उनके हाथों में लड़ने को तीर , साँसों में कमान होगा


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