भोले और सादे


 

इस बार फिर से

वादे किए जाएंगे

अवाम जो आम है 

उनसे भरोसे लिए जाएंगे


'जिंदगी बदलेंगे हम आपकी'

ये एहसास दिलाए जाएंगे

देश एक, जनता एक

फिर कहाँ से नया लाएंगे? 


कल भी थे मेरे हुकमराँ

आप फिर कल आएंगे

सवाल जो भी थे, वाजिब नहीं

पूछा तो सताए जाएंगे


भूल कर भी भूल की तो

ग़ायब कर दिए जाएंगे

खिलेंगे फूल किस्मत के

ये चाह साथ लिए जाएँगे


हम हैं भोले और सादे भी

हाँ फिर से ठगे जाएंगे।




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