मैं भी हंस सकता हूं


 मैं भी हँस सकता हूँ

उनके जैसा हू-ब-हू 

पर अभी नहीं 

वह बात अलग है,

पहले हँसता था मैं भी हू-ब-हू 

अब बदले हालात और मंजर भी 

हाँ बदल गया मैं भी 

ऐसा नहीं की भूल गया हूँ हँसना 

बाकी इंतजार है 

एक हसीं मौसम का जब 

फिर से हम मुस्कुराएंगे 

हँसेंगे साथ उनके हो जाएंगे 

जो आज हमसे अलग है 

जो खुद को अजूबा, 

तकदीरवाला मानते हैं। 

तकदीर है, वक्त ही तो है 

सबका बदलता है। 

मेरे भी हालात बदल जाएंगे 

फिर हम भी मुस्कुराएंगे 

दोनों साथ हो जाएंगे 

भले एक जैसे नहीं 

मगर एकदम अलग भी नहीं। 

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