उड़ान



भले हों आप किसी कैद में, 

कोशिश में, 

कश्मकस में 

अंधरे में 

पतन के रास्ते में 

अधर में या 

अंधेरे की गहराई में 

किसी उलझन में 

किसी परेशानी में 

किसी डर के आहट में 

आपके मन की उड़ान ही 

उड़ा सकती है, 

आपको वहाँ से। 

आशा की किरण दिखा सकती है, 

टूटे मन में मजबूत पहाड़ 

खड़ा कर सकती है, 

बेजान से शरीर में 

ऊर्जा दे सकती है। 

रूके ठप्प पड़े विचारों में 

स्फूर्ति दे सकती है। 

अतीत के ठहराव से 

वर्तमान में नये पल्लव ला सकती है। 

जीना भूल चुके जीवन को 

फिर से चलना सीखा सकती है। 

Comments

Popular Posts