सहरसा-जबलपुर- हैदराबाद-सहरसा की यात्रा
दिनांक 29 मई 2023
घर से सहरसा रेलवे स्टेशन की तरफ
सहरसा से मैंने ट्रेन की टिकट पहले ही बुक कर ली थी पटना के लिए सहरसा से राज्यरानी की टाइमिंग 7:15 बजे थी मैं सुबह के 4:00 बजे ही जग गया था अपने ससुराल में मैं आज 5:00 तक तैयार हो गया था तभी ससुर जी ने पूछा कि कब चलना है हमने कहा अभी चलना है फिर उन्होंने कहा कि ठीक है मैं भी तैयार हूं लेता हूं फिर हम लोग चलेंगे पापा के स्कूल की टाइमिंग भी 7:30 होती थी और वह घर से 6:20 तक निकल जाते थे सुबह में मेरे मन में बस एक ही लक्ष्य था 7:15 वाली गाड़ी को पकड़ना पापा कुछ ही देर में तैयार हो गए फिर मैं पापा के साथ चल पड़ा दिव्यांश आयांश दोनों सोए हुए थे मेरी मैडम जाग रही थी गाड़ी सड़क पर दौड़ रही थी परंतु हम दोनों चुपचाप थे शायद पापा को जल्दी थी स्कूल पहुंचने की मुझे स्टेशन छोड़ने के बाद और मुझे मेरे लक्ष्य राज्य रानी एक्सप्रेस को पकड़ने की थी कुछ देर में पापा शंकर चौक तक आ गए मैंने ही पापा से कहा पापा आप मुझे यही छोड़ दें और आप यहां से स्कूल चले जाएं पापा ने वही किया फिर मैं सब्जी मंडी से होते हुए स्टेशन की तरफ चल पड़ा सुबह का समय होने के कारण सब्जी मंडी में कई गाड़ियों का जमावड़ा लगा था सामान पहुंचाने और वहां से सामान ले जाने वालों की धीरे-धीरे भीड़ इकट्ठा होने लगी थी मैं चुपचाप स्टेशन की तरफ चल पड़ा देखा गाड़ी प्लेटफार्म नंबर एक पर खड़ी थी स्लीपर क्लास और जनरल क्लास में लोग पहले से ही बैठ चुके थे मगर मेरी सीट चेयर कार एसी में थी मैं जाकर दरवाजा खोलना चाहा मगर दरवाजा अंदर से बंद थी शायद उसमें सफाई का काम चल रहा था बाहर दो चार लोग भी खड़े थे जिनकी बुकिंग उसी ट्रेन में उसी एसी बोगी में थी फिर मैं भी चुपचाप पास बने बेंच पर बैठे हल्की हल्की धूप आ रही थी कई अफसरों में से एक यह भी था जब सुबह के समय धूप का हल्का हल्का आनंद ले रहा था जल्दी ही 75 हो गया और लोग आकर उसमें बैठने लगे का दरवाजा खुल चुका था खुले दरवाजे से शांत मुद्रा में जाकर अपने विंडो सीट पर बैठ गया सामने से लग रहे पति-पत्नी थे शायद बैठे थे मेरे सीट के सामने उन्होंने अपना एक कार्टून रख दिया था हालांकि सामने ही टेबल था उस पर भी उन्होंने अपना सामान रख दिया था मैंने अपने एक सिंगल बैग को ऊपर रख दिया था।
पटना में ओला वाला बाइक चालक
आज राजरानी गाड़ी पटना पहुंचते पहुंचते 11:30 बजे चुकी थी। पाटलिपुत्र स्टेशन से आज ही मुझे जबलपुर स्टेशन के लिए ट्रेन पकड़ना था जो सिकंदराबाद तक जाती थी मैं झट से स्टेशन से बाहर आ गया और ओला बाइक को सर्च किया बात करने पर उसने कहा कि दिन के टाइम में 12 बहुत कम दिखा रहा है वह ₹70 दिखा रहा था उसने कहा कि ₹20 ज्यादा दे दीजिएगा पर राइट कैंसिल कर दीजिए मैंने सोचा किस समय कम है जब से मैंने राइट कैंसिल किया और उसके बाइक पर चल दिया उसने जो मुझे हेलमेट दिया उस हेलमेट के अंदर क्वेश्चन कुछ भी नहीं था बस एक ढांचा मात्र था जो बाहर से दिखने पर हेलमेट लग रहा था उसकी बेबसी रही हो या फिर कंजूसी हेलमेट की हालत को देखकर एक बार तो मेरे मन में यह भी ख्याल आया कि मैं उसे नया हेलमेट खरीदने के लिए दूसरा कुछ पैसा दे दूं ताकि पिलियन को कोई दिक्कत ना हो जिससे वह अपने पीछे बिठाकर लेकर जाता था। मेरे कैसी हो घड़ी में 11:40 हो चुका था और वहां से यात्रा लगभग 4 किलोमीटर की थी मेरे मन में शक भी था कहीं लेट ना हो जाए इसलिए मैं जल्दी में था उसकी गाड़ी आगे निकल चुकी थी उसने पूछा कि आप ट्रैफिक वाले एरिया से जाएंगे या लंबा रूट से जाएंगे हमने जल्दी में कहा भाई तुम कहीं से भी लेकर चलो मगर वहां जल्दी पहुंचना है उसने कहा ठीक है फिर वह गाड़ी को हवा में उड़ाने लगा हल्ला कि मुझे हल्का डर भी हो रहा था कहीं किसी से टच ना हो जाए उसके गाड़ी की हालत यह थी कि उसका मीटर काम नहीं कर रहा था स्पीडोमीटर फिर भी मैं चुपचाप उसके साथ चलता रहा जल्द ही वह तेज गति से फ्लाईओवर पर से निकलने लगा और बीच-बीच में अपने ड्राइविंग अनुभव की बातें बताता रहा कि वह कितने सालों से चला रहा था चलते चलते वह मेरी बातों से शायद खुश हो गया था उसने कहा कि वह अपने गर्लफ्रेंड से भी 5 मिनट के लिए मैं निभाता अगर मेरे पास टाइम होता उसकी उम्र करीब 34 साल के आसपास होगी मैं चुपचाप उसके साथ चलता रहा बीच-बीच में वह समय भी पूछता रहा अब 11:55 हो चुका था कि मेरी घड़ी 5 मिनट आगे रहती है वह बात मैंने उससे नहीं बताई उसने जब पूछा था आपको गाड़ी कब पकड़ ली है मैंने बताया 12:00 बजे उसने कहा कि आप मुझे हेलमेट देकर स्टेशन पर और स्कैन कर दीजिए मोबाइल में पेमेंट और दौड़ के ट्रेन पकड़ लीजिएगा किसी भी हालत में आज तक मेरे कारण किसी की भी गाड़ी नहीं छुट्टी है मैंने कहा ठीक है बीच-बीच में वह जिक्र भी कर दिया कि बहुत धूप थी पर मेरा लक्ष्य तो वह गाड़ी पकड़ना था अंत में सर्प गति सर्प रास्ते की समाप्ति हुई और उसने स्टेशन मुझे जल्दी से छोड़ दिया मैं भी उसे ₹200 थमाया वह चुपचाप मुस्कुराने लगा मैंने कहा साहब आप धूप में भी तो आए हैं उसी की बात मैं दौरा गया और झट से फ्लाईओवर के स्टेशन की तरफ दौड़ पड़ा और ट्रेन में घुसने से पहले एक टीटी से कंफर्म किया कि एसी बोगी किधर है उसने कहा आगे की तरफ स्टेशन पर आगे पीछे ट्रेन का पता ही नहीं चलता है बहुत लंबी होती है थोड़ा और नीचे बैठे आदमी से पूछा डाउन ट्रेन है ना सिकंदराबाद जा रही है ना उसने कहा हां तब जाकर संतुष्ट हुई मुझे अपर बर्थ मिला था।
दानापुर सिकंदराबाद ट्रेन में
इस बात की संतुष्टि थी कि मैं ट्रेन में बैठ गया था हालांकि हमने पहले सोचा था कि राजरनी 11:15 बजे तक पटना पहुंचा देगी और मेरे पास पर्याप्त समय होगा पाटलिपुत्र से सिकंदराबाद सुपरफास्ट ट्रेन पकड़ने के लिए अब तक मैंने कुछ भी नहीं खाया था लेकिन कुछ ही देर में उम्मीदों के अनुसार समोसा बेचने वाला आ गया और मैंने दो समोसा खाया फिर पानी लिया और यात्रा आरंभ हो गई बीच में कभी एक बिरयानी खाया तो कभी सादा भोजन जिसमें 4 रोटी पनीर की सब्जी दाल अचार मिला और बीच-बीच में मैं इस बात का भी ख्याल रख रहा था कि कहीं ट्रेन आगे ना निकल जाए जबलपुर स्टेशन पहुंचने का गाड़ी का समय 2:00 बजे था जो कि लगभग आधे घंटा लेट से चल रही थी मैंने अलार्म लगा रखा था ताकि बीच-बीच में कोई दिक्कत ना हो और मैं आसानी से जबलपुर स्टेशन उतर जाऊं हालांकि मुझे इस बात का भ्रम भी था कि मैं जबलपुर दूसरी मर्तबा जा रहा हूं जबकि ऐसा नहीं था 2015 में पहली बार मैं भोपाल गया था सोनू जी के साथ नवोदय में डॉग टीचर्स इंटरव्यू के लिए सोचा था कॉन्ट्रैक्ट पर अगर पढ़ने के लिए मिल जाए सनबीम से 14000 ज्यादा मिल सकता था यहां नवोदय में जंगली 25000 मिलता है। अपर बर्थ होने के कारण एसी की ठंडी हवा बहुत ज्यादा ही मिल रही थी लेकिन बीच-बीच में सोना और जागना फिर मूवी देख कर समय बिताना और इग्नू के एग्जाम का भी दिमाग में ख्याल रहना बीच-बीच में किताबें निकालकर जीरो सिक्स 1062 4063 पढ़ता रहा ताकि एग्जाम में कोई दिक्कत ना हो और आराम से रिवीजन भी हो जाए हालांकि शिक्षक होने से या फायदा जरूर है की बहुत सारी बातें आप जानते हैं आपको ज्यादा पढ़ने की जरूरत नहीं होती है लेकिन फिर भी कुछ शब्दावली ऐसे हैं कुछ पॉइंट्स ऐसे हैं कुछ तक ऐसे हैं जिसको जानना काफी नहीं होता उसको याद कर कर परीक्षा में लिखना भी महत्वपूर्ण होता है इसी संशय और भय चिंता के बीच में फसा रहा और किताबें पढ़ता रहा कभी मोबाइल देखा कभी किताब पड़ा समय बीत गया 2:00 बज कर 37 मिनट के आसपास गाड़ी जबलपुर स्टेशन पर आ गई मैं बाहर निकल गया सोचा कोई सस्ता वाला रूम लेकर आ जाऊंगा लेकिन स्टेशन पर रूम लेना मुझे अच्छा नहीं लगा क्योंकि ट्रेन की आवाज और अनाउंसमेंट की आवाज अक्षरा कर शायद मुझे डिस्टर्ब करती मैं बाहर निकल गया किसी ऑटो वाले ने आपको होटल चाहिए मैंने साफ मना कर दिया फिर मैं दूसरी तरफ से बाहर स्टेशन की तरफ निकला वहां एक रिक्शावाला मिला जिसका नाम राजू था उसने पूछा क्या सर आपको होटल चलना है वह गरीब और कमजोर लंबा सा था मैंने कहा हां चलो उसके रिक्शा पर बैठकर रात के 3:00 बजे निकल गया एक डेढ़ किलोमीटर का फासला था जो जल्दी खत्म हो गया उसने कहा कि सर लवली होटल बगल में है अच्छा होटल है हमने कहा चलो लेकिन बाद में उसने कहा कि सर ज्यादा महंगा होगा आपको कितने तक का होटल चाहिए हमने कहा ₹1000 तक फिर वहां से होटल समीर पैलेस ले गया जो रसल चौक पर था और ठीक इनकम टैक्स ऑफिस के सामने जब मैं रिसेप्शन पर गया तो उसने कहा 13 सो रुपए मैंने रिक्शेवाले की तरफ देखा और का भाई तुमने तो कहा था ₹1000 फिर वह चुपचाप मुस्कुराने लगा मैंने भी सोचा कि समय हो गया रात हो चुकी है आराम किया जाए फिर हमने पेमेंट किया और रूम फिक्स कर लिया कमरा नंबर शायद 109 था मैंने उस रिक्शे वाले को₹30 दिया जबकि बात ₹20 की हुई थी उसे मैंने कहा था कि कल रात में 12:00 बजे मत लेकर 30 मई के रात 12:00 वही आने के लिए ताकि मैं फिर स्टेशन पर जा सकूं रात के 2:00 बजे उस सिकंदराबाद सुपरफास्ट ट्रेन को पकड़ने के लिए उसने कहा कि वह आ जाएगा परंतु वह उस दिन नहीं आया था कारणवश उस होटल के सिक्योरिटी गार्ड ने 1 और 2 को रोका और ₹60 में बात हो गई मैंने उस सिक्योरिटी गार्ड मुझे बूढ़ा था उसके हाथ में ₹100 थमा दिया ताकि उसकी कुछ मदद हो सके मैंने उसे देखा था कि जिओ के उस छोटे से मोबाइल पर वह मूवी देखता था ताकि उसका समय कर सके हालांकि मुझे अपना वह भी दिन याद आ गया जब मैं भी एक छोटे से स्क्रीन पर मूवी देखता था कीपैड फोन में।
30 मई 2023
सुबह का नाश्ता
जब मैं एक बार भोपाल गया था तब वहां स्टेशन के पीछे लगे रेडी पर पोहा और जलेबी देखकर समझ में आ गया था कि यहां के लोगों का नाश्ता यही होता है मैं सुबह में निकल कर पास के एक दुकान पर गया वहां पोहा और जलेबी ले आया खाने के बाद मालूम हुआ कि बहुत ही स्वादिष्ट था और जलेबी बहुत ही ग्रंथि मन बहुत ही खुश था कि बहुत ही कम दाम पर इतना अच्छा नाश्ता यहां जबलपुर में मिलता है।
मुन्ना पान भंडार
हमने सोचा कि बनारस में पान खाया सहरसा में खाया सोचा कि जबलपुर भी अच्छा होगा और हमने वहां भी एक पान खाया जिसका दाम शायद ₹20 था अच्छा था।
कपड़ा आयरन करने वाला (जबलपुर)
मैंने रिसेप्शन पर पूछा कि पास के किसी जगह पर क्या कपड़ा आयरन होता है उसने कहा पास मैं दो दुकान छोड़कर जगह अनजाना होने के कारण मैं अक्सर पूछ लेता हूं लोगों से और फिर पता चला की पास की गली में ही वह दुकान है जब मैंने एक दुकानदार से पूछा तो उसने कहा कि यह दो छोटे बच्चे आपको उस करने वाले के पास ले जाएगा मैं पास के मोहल्ले में कॉलोनी में गया वहां ऊपर छत पर उस बच्चे ने आवाज दी और एक आदमी आया उसने कहा कि दुकान बंद हो चुकी है अब शायद होने में बहुत टाइम लग जाएगा कोई बात नहीं आप टाइम ले लीजिए वह ऊपर गया और ऊपर ही रह गया कुछ ही सेकंड के बाद एक वृद्ध पंजाबी सा दिखने वाला नीचे आया और उसने मुझसे पूछा कि कितने कपड़े जबलपुर की हिंदी की अलग ही टोन होती है मैंने कहा साहब दो कपड़े उसने कहा कि 20 1 मिनट में आओ आपका काम हो जाएगा हमने कहा कि साहब क्या नाम से बुलाना आपको उसने कहा सतीश आप मुझे आवाज देना मैं आपको कपड़े दे दूंगा फिर मैं पास के सड़क पर घूमने चला गया ताकि समय बीत जाए और घूम कर आ भी गया वहां सड़क पर एक बहुत ही बड़ी बिल्डिंग बन रही थी जो शायद एक मॉल था जबलपुर का मशहूर मॉल बनने वाला था जहां पर कई सुविधाओं होने का दावा किया जाता है।
एसआर सिनेमा जबलपुर
केयरटेकर का निर्देश मुंह में पान लेकर हॉल के अंदर जाना निषिद्ध
ओला बाइक बुक करना मुस्लिम राइडर (निर्धारित से ज्यादा की मांग; राइड कैंसिल करना)
दूसरे ओला बाइक को बुक करना हिंदू राइडर (अच्छा और दोस्ताना व्यवहार थोड़ा ज्यादा पैसा अदब से मांगना तेज धूप में )
मांग स्वीकृत कर लेना
पुनः साउथ एवेन्यू मॉल प्रस्थान इलेक्ट्रिक स्कूटी से
दो सूट का क्रय
पेंटालून से दिव्यांश और अयांश के लिए कपड़ा क्रय
पुनः उसी इलेक्ट्रिक स्कूटी से होटल समीर तक वापसी
राइडर को थोड़ा एक्स्ट्रा पैसा देना अच्छे व्यवहार के लिए (ऑनलाइन)
31 मई 2023
रात में 12 बजे के बाद ऑटो में स्टेशन के लिए प्रस्थान
उस रिक्शावाले का वादा के मुताबिक न आना
होटल के गार्ड को सहानुभूति से 100 देना उसका बरबस खुश होना
स्टेशन पर ऑटो वाले को रात होने के कारण 1-1.5 कि.मी. के लिए 80 रुपया देना
फिर स्टेशन के बाहर खुली हवा में इंतजार करना, एक भी मच्छर का न होना
2 बजे के आसपास सिकंदराबाद-दानापुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में दानापुर के लिए बैठना
ट्रेन का खाना ट्रेन के जैसा
महंगा
काम गुणवत्ता
ज्यादा दाम
10.30 अपराह्न के आसपास सिकंदराबाद स्टेशन पर आगमन
फिर पहले वाले होटल में बेड न मिलना
फिर होटल लोटस में जाना
प्रतिदिन (24 घंटे) 1500 रुपया
रिसेप्शन पर शिफ्ट में काम करने वाले लोग
अधिकतर स्टाफ का उड़िया भाषा बोलना
1 जून 3 जून 6 जून को इग्नू का परीक्षा हैदराबाद में एन एस आर कॉलेज ऑफ एजुकेशन में सेंटर
चारमीनार घूमना
रंगबिरंगे सस्ते महंगे कपड़े
बड़े थैले
चारमीनार के अंदर लोगों की घूमने की भीड़
मन को अंदर जाने से रोकना और पास में अत्तर को दुकान का पता लगाना
दुकान पर ₹500 का अत्तर लेना
दुकानदार से बातें होना
खुद को निजामाबाद में पानी पूरी वाला बताना
दुकानदार का इस बिजनेस से जुड़ी बाते करना
गोलमटोल जवाब देकर पीछा छुड़ाना
कोटि घूमना
सस्ते कपड़े पर गारंटी नहीं
एक बैग खरीदना ब्रांड के चक्कर में जल्दी कर ब्रांड की कॉपी खरीदना
एक भूरा सैंडल जूते के स्टाइल का खरीदना
परीक्षा से पहले जाने अंजाने टीचर्स से बातें करना हंसना आदि
परीक्षा हॉल में तीनों दिन 30-35 मिनट पहले लिखकर निकल जान
देखने वाले टीचर्स और इंविजिलेटर को हैरत होना
6 जून को साउथ इंडिया मॉल में शॉपिंग करना
अपने लिए शर्ट
मैडम के लिए दो साड़ी
सासु मां के लिए तथाकथित सूती साड़ी (घर पर ठगे जाने का पता चलना)
होटल में ₹11000 जमा करना
7 जून 2023
सुबह साढ़े नौ बजे की गाड़ी पकड़ना सिकंदराबाद से
ट्रेन का नाश्ता खाना ट्रेन के जैसा
3 बजे बनारस पहुंचना
बनारस स्टेशन पर अंकु (लखनऊ से जनरल में) को रिसीव करना सेकेंड ए सी में
साढ़े छह बजे दानापुर स्टेशन
फिर ईशा को रिसीव करने के लिए ओला ऑटो से रामचंद्र कॉम्प्लेक्स अटल पथ पहुंचना
फिर नई बस स्टैंड पहुंचना
पैसा 1200 पहले लेना और बस के लिए घंटों इंतजार करवाना
बस का 10.30 में उस बस स्टैंड से खुलना
बीच में एक जगह खाने पीने के लिए बस का विश्राम
ईशा अंकु के लिए चाय (मिट्टी के ग्लास में; भड़ूका)
कुरकुरे और चिप्स लेना
सीट पर ही बैठना और उसी पर मुश्किलों से सोने का प्रयास करना
सुबह के 5.30 पास बसुदेवा में उतरना


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