जी हाँ ये वर्दी -ग़ज़ल


जी हाँ ये वर्दी मेरी शान है।
मेरी ताक़त, मेरी जान है।।
कैसे न दिखाऊं अपनी दरिंदगी
जब यही फरमान है।

नीचे ज़मीन मेरी रियासत
ऊपर सारा आसमान है।
हाँ अकेले हम लाचार ज़रूर
साथ मिले तो शैतान हैं।
जिसको जो करना है करे
बाकी यही मेरी पहचान है।
उसे तोड़ देंगे, मरोड़ देंगे
वरना क्या मेरी पहचान है।

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