इसी दिन के लिए
आज बाप सोया,
किसी झोपड़ी में
बेटा पक्के मकान में,
पाला था उसने कभी उसे ,
क्या इसी दिन के लिए?
बचपन में संभाला,
ख़ुद को लुटाया,
उसे संवारा,
क्या इसी दिन के लिए?
वो दिन,
कि अपना निवाला,
देकर उसे बड़ा किया,
आज वो फाके पर
क्या इसी दिन के लिए?
खुद लिपटा रहा,
किसी पुराने कपड़े में
उसे दिया पूरी कमाई,
आज वो सोता पन्नी ओढ़कर
क्या इसी दिन के लिए?



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