ज़रूरी नहीं कि हर रात बात हो
सुबह खुश हो और हसीं रात हो
मैं थोड़ा बहुत परेशां हूँ अभी बस
गलत न समझ कि कोई बात हो
आज थोड़ा थका हूँ समझो ज़रा
आस है दूर तलक तेरा साथ हो
नहीं मिला मुझे वो तो क्या है
जब नसीब नसीब की बात हो
उतरे हैं मैदान में तो खेल सही
जियेंगे हार हो चाहे मेरी जीत हो
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