पहली बार भोपाल

 


आज पहली बार आया भोपाल

स्मृति शेष जैसे आया था पहले

मन में सोचा

फिर बात को छोड़ा

और भी कई बात थे

कामारेड्डी से भोपाल

विचार मोहक भी थकाऊ भी

ज़रूरी था जाना भी




गृहस्थी और मानसिक व्यस्तता

में उलझा रहा

सोचा 11 बजे देखा तो ट्रेन थी

10 बजे

हालत उल्टी पलटी

भगाया ऑटो वाले को जल्दी

स्टेशन भागा जल्दी

मिली राहत यूँ

ट्रेन थी 45 मिनट लेट

भोपाल !

राजू चायवाला की तारीफ़ सुनी

डी बी माल का नाम सुना

स्टेशन की रौनक देखी

अभी 24 घंटे में और 

क्या दृश्य देखना है देखेंगे।



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