I see I think I mix I prepare and I make them appear in purified form that I call -POEM
उसे जल्दी थी मशहूर हो गया
फिर क्या था मगरूर हो गया
जो नहीं होना था दोस्त यूँ
वही हक़ीक़त ज़रूर हो गया
फ़िर क्या अपने कौन अपने
एक एक कर सब दूर हो गया
दौलत शोहरत सब था पास मगर
वो आदम बड़ा मज़बूर हो गया
पूरे जहाँ ने देखी सूरत उसकी
'सहर्ष' बुलंदी नामंजूर हो गया
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