टेलर की चैन
कल कपड़ा दिया था
मन में चाह नए की
पास उसके खींच लाया
पूछा- "भैया हो गया?"
'अरे अभी कहाँ
थोड़ा समय दीजिये'
हमेशा की तरह अपना चेहरा बनाया।
'फिर आपको देंगे' कहकर।
उसका चैन बेचैन
मेरा भी चैन बेचैन
उसने अपना चैन रखा
पास अपने
अपना बेचैन चैन
लेकर चला खुद मैं
चुपचाप,
बस चुपचाप।
फिर वो दिन आया
जब मेरी बेचैनी को चैन मिला
और उसके बेचैनी को भी चैन
उसके बेचैनी में भी मुझे
बेहतर चैन मिला
बस मक्खन की तरह
में खुश था
उस चैन को पाकर
यह चैन था उस चैन का
जिस चैन ने मुझे
एक अच्छा चैन दिया था।



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