वो आएंगे कल... -ग़ज़ल

वो आएंगे कल चेहरा बदले चार।
जब आप भूल जोओगे उनके वादे हज़ार।।
कहेंगे-प्यार और सेवा ही उनका एक अधिकार।
कसर नहीं छोड़ेंगे जब करेंगे अत्याचार।।
जनता उनकी सेवक, उनके हित मे सब व्यवहार।
विरोध कोई, नही गुजरेगा उन्हें नागवार।।
किताब कलम से दूर मगर जाना जग व्यवहार।
जो अपने ही को बनाता अपना आहार।।
वादे नही, शब्दों की जादूगरी है प्यार।
जो दिलाता उन्हें पूरा पूरा मताधिकार।।

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