ख़्वाब (कविता)


सुबह हुई सितारे सो गए

जागे थे,

मेरे भी अरमान रात भर

साथ उसके जा कर सो गए।


दुनियाँ में उजाला था,

मेरे दिल में अब भी अंधेरा

सोये हैं हम और हमारा दिल साथ में

कल होगा कोई सवेरा।


आज फिर जागे हैं,

मेरे यूँ ख़्वाब कई,

फिर जागेंगे रात भर साथ मेरे

सुबह तलक, टूट जाएंगे कई।



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