I see I think I mix I prepare and I make them appear in purified form that I call -POEM
यहां पड़े सूखे में,
अब कौन यहां आता है?
सूखी हैं राहें,
सूनी है दुनियां।
पेड़ भी सूखे, पत्ते भी सूखे
सूखा पूरा संसार,
कौन किस हाल में,
कौन बदहाल?
अब आओ कि
देख के तुम्हें
रोए मेरा मन
हो लघु वर्षा
मिटे ये सारा अगन।
Comments
Post a Comment